जैव विविधता बढ़ाने हेतु युवाओं ने बनाया मिनी फॉरेस्ट

जैव विविधता को बढ़ावा देना एवं पुनर्स्थापित करना है लक्ष्य

झीलों की नगरी, पूर्व का वेनिस ऐसे कई सारे नामों से प्रसिद्ध है उदयपुर शहर|अब इसमे एक नाम और जुडने वाला है  मिनी-फॉरेस्ट का शहर। इस नाम से प्रसिद्ध होने का कारण बनेगा उदयपुर शहर में मियावाकी विधि द्वारा जंगल उगाने का प्रचलन| जिसमे लोकल प्रजातियों के पौधो का रोपण किया जाता है। मियावाकी विधि जो जापान के डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा इजाद की गयी थी | उसे उदयपुर में उपयोग मे लाकर शहरी जैव विविधता को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं पुकार फ़ाउंडेशन के युवा |

 

 Youth of Pukaar Foundation promoting biodiversity
551 पौधे लगाने के बाद मुस्कुराते हुए योद्धाओं के चेहरे

जैव विविधता को बढ़ावा देना एवं पुनर्स्थापित करना है लक्ष्य

झीलों की नगरी, पूर्व का वेनिस ऐसे कई सारे नामों से प्रसिद्ध है उदयपुर शहर|अब इसमे एक नाम और जुडने वाला है  मिनी-फॉरेस्ट का शहर। इस नाम से प्रसिद्ध होने का कारण बनेगा उदयपुर शहर में मियावाकी विधि द्वारा जंगल उगाने का प्रचलन| जिसमे लोकल प्रजातियों के पौधो का रोपण किया जाता है। मियावाकी विधि जो जापान के डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा इजाद की गयी थी | उसे उदयपुर में उपयोग मे लाकर शहरी जैव विविधता को बढ़ावा देने का कार्य कर रहे हैं पुकार फ़ाउंडेशन के युवा |

जी हाँ, युवा जिनके पास अनुभव भले ही कम हो, पर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का हौसला बहुतायत में है |ये युवा जिनका परम लक्ष्य अरावली पर्वतमाला की जैव विविधता को पुनर्स्थापित करना है |जो अब विलुप्ति की ओर बढ़ रही है | इसी उद्देश्य हेतु ये युवा पिछले 6 सालों से प्रत्येक रविवार पौधारोपण कर, देखभाल कर रहे हैं |

उदयपुर का दूसरा मियावाकी जंगल है “सौन्दर्य वन”

small earth warrior promoting biodiversity
जैव विविधता को बढ़ावा देने आई नन्ही योद्धा

उदयपुर का दूसरा मियावाकी जंगल अपने 270वें रविवार पर लगाया है, पुकार फाउंडेशन के युवा सदस्यों ने ।

पढ़ें पुकार की शुरुआत के बारें में 

इस दीपावली पर जहां सभी लोगों ने अपनों को कुछ खास उपहार दिये हैं। वहीं पुकार के युवा सदस्यों ने भी पृथ्वी को एक और जंगल उपहार स्वरूप दिया है ।संस्था द्वारा इस मियावाकी जंगल को सौन्दर्य वन नाम दिया है| संस्थापक भुवनेश ओझा ने बताया कि यह जंगल प्रकृति की सुंदरता को और निखारेगा तथा जैव विविधता को बढ़ावा देगा इसलिए इसका नाम सौन्दर्य वन रखा है | इस जंगल को शहर के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान परिसर में लगाया गया है |

ढाई साल की बच्ची से लेकर 85 साल के बुजुर्ग ने उत्साह से किया पौधारोपण

both young and old promoting biodiversity
चाहे बच्चे हों या बुजुर्ग पर्यावरण की रक्षा सबका यही लक्ष्य

इस जंगले को लगाते समय सबसे लुभावनी बात यह थी कि इसे लगाने में ढाई साल की बच्ची से लेकर 85 साल के बुजुर्ग ने भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया | जिसे देखकर बाकी युवाओं मे पौधारोपण की होड बढ़ गयी | 

32 प्रजातियों के 551 पैतृक पौधे लगाए हैं सौन्दर्य वन में

plants of different species placed close for biodiversity
रोपण से पहले पास-पास रखे गए पैतृक पौधे

आशीष बृजवासी ने बताया कि पुकार द्वारा यह जंगल 150 वर्ग मीटर क्षेत्र में लगाया गया है| जिसमें अरावली पर्वतमाला की 32 प्रजातियों के 551 पैतृक पौधे लगाए गए हैं | इन पौधों का औषधीय लाभों के अलावा जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान है। इन प्रजातियों में गुग्गल, कोटम्बडी, पिलखन, बिसतेन्दु, खिरनी, खैर, पारस पीपल, कचनार आदि प्रजातियां शामिल हैं। इस जंगल को उगाने में कई संस्था के सदस्यों एवं लगभग 150 स्वयंसेवियों ने योगदान दिया |

संस्था सदस्यों ने एक साथ यह संदेश भी दिया कि वे भविष्य में इस तरह के छोटे-छोटे जंगल उगाने के प्रयास करते रहेंगे। जिससे शहर में कई जगह ऑक्सीजन बैंक बन सके और जिसका लाभ आमजन उठा सके। 

मियावाकी विधि के बारे मे जानने के लिए क्लिक कर पढ़ें

संस्था के सदस्य उन सभी स्वयंसेवियों एवं युवाओं को धन्यवाद देते हैं जो इस मुहिम को सफल बनाने के लिए आगे आए |

पुकार से जुड़ने के लिए 7229988335 पर कॉल करें या पुकार वेबसाइट पर सम्पर्क कर सकते है।

Aashish Brijwasi

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