क्यों होता है जामुन का पेड़ इतना फायदेमंद

जामुन में आयरन, विटामिन b,कैरोटीन,मैग्नीशियम,फाइबर और खनिज भी बहुतायत में होते हैं ।

जामुन एक सदाबहार वृक्ष जिसे वर्ष भर हरा-भरा देखा जा सकता है। तथा साथ में गर्मियों के आते ही हरियाली के साथ खाने को मिलते हैं जामुन के छोटे-छोटे फल ।
ये फल स्वाद में आमतौर पर खट्टे-मीठे होते हैं। इसके साथ ही कई प्रकार के स्वास्थ्य वर्धक गुणों से भरपूर होते हैं। इसके फल के साथ – साथ छाल,पत्ते आदि भी आयुर्वेदिक उपचार के लिए उपयोग में आते हैं ।

Jamun fruit
जामुन के फल

इतिहास और भारत से जामुन का संबंध –

इतिहास कि बात करें तो यह अतिप्राचीन फल है। जिसे मनुष्य तब से खा रहे हैं। जब से वे फलों और अन्य मेवों का उपयोग मुख्य भोजन के रूप में करते थे ।
भारत में इसका इतिहास के साक्ष्य रामायण काल से भी पूर्व के हैं । कुछ शास्त्रों के अनुसार श्री राम ने 14 वर्षों के वनवास के दौरान भोजन के रूप में जामुन और उसके साथ कई अन्य प्रकार के फलों का सेवन किया था।

भारत क्यों कहलाता रहा जम्बूद्वीप –

पूर्वकाल में भारत को जम्बूद्वीप के नाम से भी जाना जाता था। जम्बूद्वीप अर्थात् एक ऐसा द्वीप जहां जंबू पेड़ अथवा जामुन के पेड़ प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं ।

पेड़ एवं फल बारे में जानकारी –

Jamun tree
जामुन का पेड़

जामुन का पेड़ भारत के अलावा दक्षिण एशिया के कई अन्य देशों में भी पाया जाता है । इसका रासायनिक नाम Syzygium cumini है। इसकी औसतन ऊंचाई 30-35 फीट तक होती है । पत्तों कि बात करे तो इसके पत्तों की लंबाई 10-15 इंच तक होती है । आमतौर पर जामुन कि छाल भूरे रंग की होती है।
इसपर फल आने से पूर्व मार्च एवं अप्रैल मह में छोटे छोटे फूल आते हैं । इसके बाद जून – जुलाई में बैंगनी रंग के फल लगते हैं जो खाने में बड़े स्वादिष्ट होते हैं । इस पेड़ का औसत आयुकाल 50-55 वर्ष का होता है।

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जामुन का औषधीय उपयोग –

Medicinal benefits
औषधीय उपयोग

जामुन का फल रसीला और गुद्देदार होता है । फल के साथ साथ इसका बीज भी कई प्रकार कि दवाईयां बनाने के उपयोग में आता है।
फल ग्लुकोज़ एवम् फ्रकटोज का मुख्य स्रोत होता है । इसके साथ ही आयरन, विटामिन b,कैरोटीन,मैग्नीशियम,फाइबर और खनिज भी बहुतायत में होते हैं । बीज में कार्बोहाइड्रेट,प्रोटीन एवम् कैल्सियम पाया जाता है ।

1. मधुमेह नियंत्रण में –

आयुर्वेद के अनुसार जामुन का फल मधुमेह नियंत्रण के लिए अत्यंत प्रभावी है । फलों के बीजों में जाम्बोलिन और जाम्बोसिन नामक सक्रिय तत्व होते हैं। जो रक्त में जारी शर्करा की दर को धीमा करते हैं। और शरीर में इंसुलिन के स्तर को बढ़ाते हैं। यह स्टार्च को ऊर्जा में परिवर्तित करता है और मधुमेह के लक्षणों को कम करता है ।

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2. स्वस्थ हृदय के लिए –

जामुन पोटेशियम की उच्च मात्रा से भरपूर है। यह दिल से संबंधित बीमारियों में बेहद फायदेमंद है। जामुन का नियमित सेवन धमनियों को सख्त होने से रोकता है । यह उच्च रक्तचाप के विभिन्न लक्षणों को कम करता है । जिससे उच्च रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है साथ है स्ट्रोक से भी बचा जा सकता है ।

3. वज़न घटाने में –

कैलोरी की कमी और फाइबर में उच्च होने के कारण, जामुन सभी वजन घटाने वाले आहारों में एक आदर्श फल है। यह पाचन में सुधार करता है । औषधीय गुण शरीर की उपापचय (मेटाबॉलिज्म) क्रिया को बढ़ाने के अलावा पानी के प्रतिधारण को कम करने में मदद करते हैं । यह फल भूख को शांत करता है ।

4. दांतों के लिए लाभदायक –

जामुन के सूखे और पीसे हुए पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं ।जिनका उपयोग दांतों और मसूड़ों को मजबूत बनाने के लिए मंजन के रूप में किया जाता है। फल और पत्तियों में कसैले गुण होते है । जो गले की समस्याओं के लिए और सांसों की बदबू को खत्म करने में अत्यधिक प्रभावी होता है। मुंह के छालों और मसूड़े की सूजन को रोकने के लिए छाल के काढ़े को माउथ वॉश के रूप में या नियमित रूप से गरारा किया जा सकता है।

इसी प्रकार के कई सारे फायदे अपने अंदर समेटे हुए है जामुन का पेड़। मनुष्यों के लिए छायादार,फलदार होने के साथ ही अन्य जीवों के लिए भी बहुत फायदेमंद है।

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Aashish Brijwasi

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